चिकनगुनिया की जांच के लिए दिल्ली की टीम तीन दिनों से रांची में


एडिस मच्छर के ब्रीडिंग को खत्म करने से ही थमेगा चिकनगुनिया: एनसीडीसी

मनीष/रांची : हिंदपीढ़ी और आस पास के क्षेत्र के लोगों की लापरवाही से अधिकांश क्षेत्रों में बना महामारी का खतरा। चिकनगुनिया और डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, रांची नगर निगम और दिल्ली से आई एनसीडीसी की टीम ने अपनाया कड़ा रुख। सेंकेंड सर्वे में घरों में एडिस मच्छर के लार्वा मिलने पर नगर निगम की एंफोर्समेंट टीम 200 से 1000 रुपयों तक का दंड मौके पर ही लगा रही है। दूसरी ओर एनसीडीसी ने साफ कर दिया है कि मच्छरों के ब्रीडिंग प्वाइंट को खत्म किए बिना चिकनगुनिया-डेंगू से निपटना संभव नहीं है.

हिंदपीढ़ी के लोगो की लापरवाही और उदासीनता की वजह से पूरे राजधानी क्षेत्र में चिकनगुनिया-डेंगू फैलने का खतरा बरकरार होता दिख रहा है। हद तो यह कि जिन इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया गया है वहां भी घरों में बड़ी संख्या में एडिस मच्छर का लार्वा मिल रहा है।

* सेहत पर भारी पड़ रही है लापरवाही
* खत्म होने का नाम नहीं ले रहा चिकनगुनिया-डेंगू
* अबतक हिंदपीढ़ी के 6000 हजार घरों की हो चुकी है जांच
* 16000 कंटेनरों में मिला है एडिस मच्छर का लार्वा
* अब नगर निगम लगा रहा है आर्थिक दंड
* अबतक 519 चिकनगुनिया, 77 डेंगू और 58 को चिकनगुनिया और डेंगू होने की हो चुकी है पहचान
* एनसीडीसी का दो टूक- एडिस मच्छर के ब्रीडिंग प्वाइंट को समाप्त किए बिना नहीं थमेगा चिकनगुनिया
* हिंदपीढ़ी और प्रभावित क्षेत्र के लोगों की लापरवाही से राजधानी के ऊपर बना हुआ है महामारी का खतरा
* आज भी मेडिकल टीम ने लगाया दो कैंप

शनिवार को रांची नगर निगम के एंफोर्समेंट टीम , दिल्ली से आई एनसीडीसी और झारखंड स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हिंदपीढ़ी के वार्ड नंबर 22 के 53 घरों का निरीक्षण किया तो पाया कि बड़े पैमाने पर चिकनगुनिया-डेंगू का लार्वा घर के अंदर ही पनप रहा है। फिर 200 रुपये से 1000 रुपये तक का फाइन इस हिदायत के साथ काटा गया कि अगली बार जब टीम तीसरी दफे घर का निरीक्षण करने आए तो लार्वा मुक्त घर मिलना चाहिए।

राजधानी में पहली बार चिकनगुनिया-डेंगू के बढ़ते मामले की गंभीरता को देखा गया कि एनसीडीसी यानि नेशनल सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल , दिल्ली की टीम तीन दिनों से रांची में है। यह टीम लगातार प्रभावित इलाकों का सर्वेक्षण कर रही है तथा स्थिति का आकलन कर रही है। एनसीडीसी ने साफ कर दिया है कि बिना मच्छरों के ब्रीडिंग प्वाइंट को खत्म किए चिकनगुनिया और डेंगू पर काबू करना संभव नहीं होगा।

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