नर्सिंग और मेडिकल कॉलेज खोलने वालों को सरकार जमीन मुहैया कराएगी

  • स्वास्थ्य सेवा घर-घर पहुंचाने में निजी संस्थान आगे आएः मुख्य सचिव
  • नर्सिंग और मेडिकल कॉलेज खोलने वालों को सरकार जमीन मुहैया कराएगी

मुख्यधारा/रांची : मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने स्वास्थ्य सेवा घर-घर पहुंचाने में निजी संस्थानों को आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि नर्सिंग और मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सरकार जमीन मुहैया कराएगी। वह रांची के अग्रवाल भवन में नागरमल सेवा सदन के हीरक जयंती समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा सदन की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि आज ऐसी संस्थाओं की काफी जरूरत है। केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत और राज्य सरकार के मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के 59 लाख गरीब परिवारों को इस योजना से जोड़ना है। यह लक्ष्य सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के दम पर ही हासिल किया जाएगा। कहा, सरकार स्वास्थ्य सेवा को क्षेत्रीय स्तर तक विस्तार करने जा रही है। सभी को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार बीमा के माध्यम से 5500 करोड़ की राशि खर्च करने जा रही है। इसमें सेवा सदन जैसे निजी स्वास्थ्य संस्थानों का अहम रोल होगा। उन्होंने कहा कि यह एक अवसर और चुनौती भी है। मुख्य सचिव ने इलाज करने के साथ नये चिकित्सकों की पौध तैयार करने पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार कई मेडिकल कॉलेज खोल रही है, लेकिन सभी को स्वास्थ्य सेवा देने में यह नकाफी होगा। इसके लिए निजी संस्थाओं को भी आगे आना होगा। सरकार निजी संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए जमीन उपलब्ध करा रही है।

इसके पहले सेवा सदन की हीरक जयंती को मील का पत्थर बताते हुए मुख्य सचिव ने इसके लिए सेवा सदन से जुड़े सभी वर्तमान और पूर्व सदस्यों, चिकित्सकों और कर्मियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हीरक जयंती तक का सफर तय करना बताता है कि यह सब इस संस्थान से जुड़े लोगों की उद्देश्य की सत्यता और निष्ठा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान को अपने पसीने से सींचने वाले हमारे रोल मॉडल हैं। वे भविष्यद्रष्टा थे, जिन्होंने 60 साल पहले सेवा सदन जैसे पौधे को लगाया था।

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