पारा शिक्षकों के संबंध में राज्य सरकार द्वारा उनके मानदेय वृद्धि आदि के क्रम में उठाये गये कदम

पुर्णेन्दु/RANCHI :: तमाम हंगामे और व्यवस्था-अव्यवस्था के बाद आखिरकार रघुबर सरकार ने बीच का एक रास्ता निकालते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखण्ड, राँची की और से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कुछ कदम उठा ही लिए जो इस प्रकार हैं –

पारा शिक्षकों के संबंध में राज्य सरकार द्वारा उनके उन्नयन, कल्याण एवं मानदेय वृद्धि के क्रम में उठाये गये कदम:-
1. पारा शिक्षकों के संघ एवं प्रतिनिधियों के साथ 26.08.2015 को सरकार के साथ हुए समझौते के बिन्दु का अनुपालन किया गया जो निम्न है:-
• महिला पारा शिक्षिका को 2 दिन का विशेष अवकाश।
• 10 प्रतिशत मानदेय की वृद्धि विभागीय पत्रांक 1657 दिनांक 30.11.2017 द्वारा की गई (प्रभावी 01.04.2017)।
• ग्राम शिक्षा समिति द्वारा दुर्भावना से पारा षिक्षक के विरूद्ध की गयी कार्रवाई के लिये अपील जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के समक्ष करने का प्रावधान।
• उपस्थिति विवरणी को मुखिया/उपमुखिया के प्रति हस्ताक्षरित किया जाना (पत्रांक 199 दिनांक 11.02.2016)।
• पारा शिक्षक कल्याण कोष 5 करोड़ के विरूद्ध 10 करोड़ अनुशंसित।
• महिला पारा शिक्षक को मातृत्व अवकाष 180 दिन देय (पत्रांक 439 दिनांक 17.03.2018)।
• संतोषप्रद सेवा 60 वर्ष की उम्र तक।

2. सरकार के द्वारा एकीकृत पारा शिक्षक संघ के मांग पर गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा की गई अनुशंसा मुख्य सचिव द्वारा पारा शिक्षक प्रतिनिधियों को 08.11.2018 को सूचित किया गया –
★ पारा शिक्षकों के कल्याण हेतु कल्याण कोष हेतु रू0 10 करोड़।
★ जे टेट की अवधि 5 वर्ष से बढ़ाकर 07 वर्ष।
★ टेट पास के मानदेय में 20 प्रतिषत वृद्धि कर –
★ स्नातक प्रशिक्षित एवं टेट पास को रू0 12000/- प्रति माह
★ इंटर प्रशिक्षित टेट पास को रू0 11000/- प्रति माह
★ अन्य प्रशिक्षित के मानदेय में भी बढ़ोत्तरी
★ प्रारंभिक विद्यालयों में सरकारी नियोजन में रिक्त पदों का 50% पद पारा शिक्षक हेतु आरक्षित।

मुख्य सचिव के अनुरोध के बाद भी लगभग 70% पारा शिक्षकों ने बिना अनुमति विद्यालय से अनुपस्थित होकर राज्य स्थापना दिवस, 2018 के सरकारी कार्य में बाधा डालने का कार्य किया। राज्य परियोजना निदेशक, झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद् के पत्रांक 20 दिनांक 16.01.2017 एवं विभागीय प्रधान सचिव के पत्रांक 1637 दिनांक 12.011.2018 में स्पष्ट निदेश का उल्लघन किया गया है।

उक्त के क्रम में अपील है कि ऐसे पारा शिक्षक जो किसी भय अथवा संघ के गलत दवाब के कारण विद्यालय नहीं गये है, स्वेच्छा से अपना पक्ष स्पष्ट रूप से लिखित रूप में अंकित करते हुये एवं भविष्य में गलती की पुनरावृत्ति न करने की शर्त के साथ दिनांक 20.11.2018 तक विद्यालय में योगदान देकर कार्य प्रारंभ करे। दिनांक 22.11.2018 से रिक्त स्थानों पर सुयोग्य अभ्यथियों के चयन प्रक्रिया प्रारंभ करने का निदेश अलग से निर्गत किया जा रहा है।

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