सायं शाखा में आरएसएस ने मनाया शरद पूर्णिमा उत्सव, हुआ खीर रूपी प्रसाद का वितरण

संघ देता है राष्ट्रवाद की सीख : राजेश चंद्र पांडेय

दीपक भगत/CHANDWA :: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से बुधवार की रात प्लस टू खेल स्टेडियम परिसर में शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। भगवा ध्वज के पूजन से कार्यक्रम की शुरूआत की गई। संघ की सायं शाखा लगाई गई।

बतौर मुख्य अतिथि विभाग कुटूंब प्रबोधन प्रमुख राजेश चंद्र पांडेय ने बौद्धिक देते कहा कि हिंदू पंचांग में आश्विन मास की पूर्णिमा का खास महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पूरे वर्ष में केवल इसी दिन चन्द्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है जो अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण रहता है। पृथ्वी पर शीतलता, पोषक, शक्ति एवं शांति रूपी अमृत वर्षा करता है। चंद्रमा की किरणें विशेष अमृतमयी गुणों से युक्त रहती है। इससेे कई बीमारियों का नाश होता है।

आरएसएस संगठन और उसके चिंतन प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए श्री पांडेय ने कहा कि हिन्दू जाति और संप्रदाय नहीं, एक विचार है। वह भी सात्विक और अहर्निस। यह सात्विक है इसलिए अपराजित और अनंत भी। लोग हिन्दू का अनर्थ कर भ्रम फैला रहे हैं और आरएसएस जैसे संगठन के दक्षिणपंथी विचारों को कोस रहे हैं। यह एक देशभक्त संगठन है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एक सांस्कृतिक संस्था है जो युवाओं को जोड़कर उनमें शक्ति का संचार करता है। सांस्कृतिक संस्था होने के कारण ये राष्ट्रवादी विचार धारा से प्रभावित होते हैं। डा0 हेडगावार, गुरू गोलवर्कर जैसे महान पुरूषों ने देश में सुख, समृद्धि, एकता व देश की अखंडता के लिए देश की बलि वेदी पर अपने को न्योछावर कर दिया।

शरद पूर्णिमा पर चांद की शीतलता को हृदय से लगाकर देश की सीमाओं की रक्षा करने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम को पूर्व खंड कार्यवाह नरेश प्रसाद, कृष्णचंद पांडेय, श्यामकरण साहू, डा0 अनिल समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया।

मौके पर रामनाथ गुप्ता, प्रेमशंकर भगत, अशोक सिंह जाडेजा, जगन्नाथ उपाध्याय, प्रभाकर मिश्रा, राजकुमार साहू, दिलीप प्रसाद टून्नू, गोपाल जायसवाल गुड्डा, प्रेमचंद अग्रवाल, रमेश प्रसाद, दिनेश प्रसाद, भगवानदास गुप्ता, गणेश पासवान समे़ेत अन्य मौजूद थे।

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