मजीएम के सीसीयू का फर्ज टूटा, आईसीयू का एसी खराब

जमशेदपुर :  कोल्हान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल एमजीएम बदहाली की मार झेल रहा है. कभी कर्मचारियों की कमी के कारण तो कभी डॉक्टरों की लापरवाही के कारण अस्पताल हमेशा सुर्खियों में रहता है. राज्य सरकार की तरफ से लाखों रुपया आवंटन मिलने के बावजूद अस्पताल में संसाधनों की कमी हमेशा बनी रहती है.

इलाजरत मरीजों को किसी न किसी कारणवश हमेशा परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसा ही कुछ गुरुवार को अस्पताल के सीसीयू और आईसीयू में देखने को मिला. एमजीएम सरकारी अस्पताल इमरजेंसी विभाग के ऊपर अस्पताल का सीसीयू और आईसीयू विभाग है. मगर इन दिनों दोनों विभाग की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है.

सीसीयू का फर्श पूरी तरह टूट चुका है और जिससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों को चलने में काफी परेशानी हो रही है. साथ ही वह कभी भी टूटे-फूटे फर्श पर चलते हुए गिरकर चोटिल हो सकते हैं. सीसीयू विभाग का 3 विंडो एयर कंडीशन ही काम कर रहा है. जबकि 4 स्प्लिट एयर कंडीशन खराब है. खिड़की के कांच भी टूटे हुए हैं, जिसकी वजह से गर्म हवा कमरे के अंदर आ जाने से कमरा ठंडा नहीं होता और इलाजरत मरीजों को परेशानी होती है. इसी तरह आईसीयू के सभी एयर कंडीशन खराब है. बीच के दरवाजे को खोलकर सीसीयू के एयर कंडीशन से ही काम चलाना पड़ रहा है.

विभाग का शौचालय भी गंदा है, जिसकी वजह से मरीज के परिजनों को शौच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है. लगता है अब भगवान ही आकर इस अस्पताल की दशा और दिशा सुधार सकता है. बताते चलें कि यह अस्पताल सूबे के मुख्यमंत्री रघुवर दास के गृह क्षेत्र में आता है. साथ ही यह वर्तमान भाजपा सांसद विद्युत वरण महतो के लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत भी आता है. तब अस्पताल का यह हाल है.

एमजीएम सरकारी अस्पताल की तरफ किसी का ध्यान नहीं है, जिसपर कोल्हान के हजारों लोग चिकित्सा कार्य हेतु निर्भर हैं. इस बारे में अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चैधरी ने कहा कि अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में कई सारी समस्याएं हैं. जिसको दूर करने के लिए हमने विभाग से पैसे की मांग की थी. पैसा आ गया है और यह सारा काम भवन निर्माण विभाग को पूरा करना है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि 23 मई के बाद वो सारा काम पूरा कर देंगे.

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