फर्जी सिम पर कालाबाजारी करने वाले 8 गिरफ्तार 438 सिम, 13 मोबाइल, 1 लैपटॉप व टैब बरामद

कालीचरण/जमशेदपुर :: फर्जी सिम का इस्तेमाल कर काला बाजारी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. देवता राम की कृपा से पुलिस ने 438 फर्जी सिम, 13 मोबाइल, एक लैपटॉप और टैब बरामद किया है. गिरफ्तार आरोपियों में देवघर जसीडीह खंडारा व वर्तमान में सिद्धगोड़ा बागुनहातु रोड नंबर 6 तिलकनगर निवासी सचिन कुमार दास, सोनारी पंचवटी नगर रोड नंबर 2 निवासी रोहित गुप्ता, सोनारी खुंटाडीह निवासी मो. मोनाहिर, जुगसलाई हिल व्यू एरिया महतो पाड़ा रोड निवासी मो.मोदस्सर, इस्लामनगर जुगसलाई निवासी मो.तनवीर, बागबेड़ा नया बस्ती निवासी सुरेश रविदास उर्फ बिठल, न्यू सीतारामडेरा निवासी अशोक चक्रवर्ती और उलीडीह विश्वकर्मा कॉलोनी टैंक रोड निवासी राजेंद्र प्रसाद शामिल है. आरोपियों पर सिद्धगोड़ा, सोनारी, जुगसलाई, सीतारामडेरा और मानगो थाना के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है. इन लोगों के द्वारा फर्जी सिम का उपयोग कर सरकारी जन वितरण प्रणाली राशन दुकान से सामानों की कालाबाजारी की जाती थी. गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. वार्ता में वरीय पुलिस अधीक्षक अनूप बिरथरे ने रविवार को यह जानकारी पत्रकारों को दी. वार्ता में पुलिस अधीक्षक नगर प्रभात कुमार भी मौजूद थे.

सिम प्रमोटर की गिरफ्तारी से खुला राज :
फर्जी सिम के माध्यम से हो रहे अपराध और काला बाजारी की सूचना पर पुलिस अधीक्षक नगर ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया. टीम के द्वारा सबसे पहले सिम प्रमोटर सचिन कुमार दास को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपी ने पुलिसिया पूछताछ में राज का खुलासा किया. उसने कहा कि भोले-भाले ग्रामीणों को झांसा देकर उनका आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज ले लेते थे और उनके नाम पर 120 रूपये प्रति सिम निकालकर जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों रोहित गुप्ता, मो.मोनाहिर, मो.मोदस्सर, मो.तनवीर, सुरेश रविदास, अशोक चक्रवर्ती और राजेंद्र प्रसाद को बेच देते थे. इन दुकानदारों के द्वारा फर्जी सिम को अपने रिश्तेदारों के नाम पर जन वितरण प्रणाली कार्ड धारी के खातों में इन नंबरों को जोड़कर नेट के माध्यम से ओटीपी प्राप्त कर इनके हिस्से का अनाज गबन कर कालाबाजारी करते थे. जिसकी वजह से कार्ड धारी को राशन ना मिलते हुए भी उनके कार्ड में राशन की इंट्री कर दी जाती थी.

इनकी बनी थी टीम :
इस कांड के उदभेदन के लिए प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा कुमार गौरव, पुलिस उपाधीक्षक विधि व्यवस्था आलोक रंजन, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय 1 पवन कुमार, सिद्धगोड़ा थाना प्रभारी अशोक कुमार, सोनारी थाना प्रभारी नरेश प्रसाद सिन्हा, जुगसलाई थाना प्रभारी नित्यानंद महतो, सीतारामडेरा थाना प्रभारी विनोदानंद सिंह, उलीडीह थाना प्रभारी शिव बिहारी तिवारी, प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक राजेंद्र कुमार, रंजीत उरांव, शशि कपूर, सहायक अवर निरीक्षक लक्ष्मी प्रसाद, सत्येंद्र दुबे, मोहन पासवान, विजेंद्र सहनी, अभिनंदन प्रसाद, शेख अमानुल्लाह, आरक्षी रवि मिश्रा तकनीकी शाखा और आरक्षी विक्रांत शंकर झा तकनीकी शाखा के साथ ससस्त्र पुलिस बल की अहम भूमिका रही.

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