नाबालिग से गैंगरेप में शहर से तीन गिरफ्तार, अपराध में पुलिस अधिकारी का बेटा भी शामिल

कालीचरण/JAMSHEDPUR :: कोलकाता की नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप मामले का मुख्य सूत्रधार पुलिस अधिकारी का बेटा साकची जेल चौक निवासी आकाशदीप शर्मा है. उसकी खुद की एक ट्रेवल्स एजेंसी है. इसका खुलासा गुरुवार को पुलिस अधीक्षक नगर प्रभात कुमार ने पुलिस ऑफिस सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में की. वार्ता में पुलिस उपाधीक्षक नगर अनुदीप सिंह और साकची थाना प्रभारी मदन शर्मा भी मौजूद थे. सभी की गिरफ्तारी मोबाइल लोकेशन के आधार पर हुई है.

मामले में इनकी हुई गिरफ्तारी :-
मामले में पुलिस ने साकची जेल चौक निवासी आकाशदीप शर्मा के अलावा मानगो करीम सिटी कॉलेज के सामने रहने वाले मो.कादिर और एमजीएम अस्पताल के सामने एक जूस की दुकान चलाने वाले चंदन कुमार को गिरफ्तार किया है. मो.कादिर की अपनी रूई की दुकान है. इसी तरह से चंदन कुमार की एक नारियल की दुकान है.

नाबालिग से किसी की नहीं थी पहचान :-
पुलिस को जांच में पता चला कि नाबालिग लड़की से किसी की जान पहचान नहीं थी. नाबालिग टाटानगर रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद बिष्टूपुर के लिए टेंपो पर सवार हुई थी. इस दौरान आकाशदीप ने अपने दोनों साथियों के साथ लड़की का पीछा किया था और मौका पाकर उसे अगवा कर लिया था.

दो दिनों तक किया गैंगरेप :-
पुलिस का कहना है कि आकाशदीप ने अपने दोनों साथियों के साथ लगातार दो दिनों तक गैंगरेप किया था. उसके बाद नाबालिग की हत्या करने की योजना तीनों ने मिलकर बनायी थी. आरोपियों को लग रहा था कि अगर वह जीवित रह गयी तो सभी का भेद खुल सकता है. नाबालिक के साथ मारपीट करने के बाद हड़बड़ी में सभी ने उसे मरा समझकर झाड़ीयो में फेक दिया था.

दो दिनों तक ठहरी थी मॉल में :-
नाबालिग के बारे में पुलिस का कहना है कि वह दो दिनों तक प्रकाश झा के मॉल में रही थी. वहां पर नाबालिक अकेली ही रहती थी. उसने एक दुकान से आइसक्रीम खाया था, लेकिन उसका पैसा नहीं दिया था. इसको लेकर दुकानदार ने हो-हंगामा भी किया था, जिसका सबुत सीसीटीवी कैमरे में मौजूद है.

पहली बार पकड़े गये हैं तीनों :-
पुलिस का कहना है कि तीनों युवक पहली बार अपराध करने के आरोप में पकड़े गये हैं. इसके साथ ही पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया है, जिसके भीतर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था. गैंगरेप के तीनों आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

कोट-
मामले में कोई सुराग नहीं मिल रहा था. 20 दिनों से पुलिस परेशान थी. अचानक मोबाइल का लोकेशन मिला और सबसे पहले मो.कादिर पुलिस की गिरफ्त में आ गया. उसके बाद मामला परत दर परत खुलता चला गया.
-प्रभात कुमार, सिटी एसपी, जमशेदपुर

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