बिन सरकारी मदद गोविंदपुर गांव के किसान हुए आर्थिक रूप से संबल, कईयों को दिया रोज़गार

गुमला से अजित सोनी की रिपोर्ट : 

राज्य व केन्द्र सरकार किसान हित के लंबे दावे करने से तनिक भी नही कतरा रही है वही दूसरी तरफ बिना सरकारी सहायता से आज गुमला जिला के जारी प्रखण्ड के गोविंदपुर गांव में लगभग डेड सौ एकड में मिर्चा की खेती लगाकर किसानों की आय इतनी हो गई है कि वे किसान आर्थिक रूप से संबल हो गए हैं। यहां के किसान आज अपने गांव से मिर्ची को कई राज्य के शहरों में बेच रहे हैं। कई मजदुर को भी मिल रही रोजगार।

गुमला जिला के जरी प्रखंड के मजदुर पहले कई अनेक शहर काम करने जाते थे अब गांव में मिर्चा की खेती लगने से यही रोजगार मिल जाता है और अच्छी आमदमी कर लेते है। वही मजदुर की माने तो बहार जाकर कमाने से अधिक कमी नही होता था अब अच्छी कमाई होने की बात कहते हैं।

वही किसानों ने बताया कि महाराष्ट में मिर्चा खेती की जानकारी लिया और गांव के लोगो के साथ बैठक किया लगभग पचास किसान एक जुट हुए और डेड सौ एकड में मिर्चा खेती लगाकर अच्छे दाम शहरों में अच्छी मिल जाती है जिनके कारण उनकी जिंदगी अब काफी अच्छा हो गई है । यही नहीं इन किसानों के साथ साथ इस गांव के कई मजदूरों की जिंदगी भी खुशहाली की ओर है । क्यूंकि मिर्ची की खेती में काम करने वाले किसानों की आय प्रत्येक दिन चार सौ से पाँच सौ रुपये की हो रही है।

सभी को यह बताया गया कि मिर्ची की खेती करने से सभी आर्थिक रुप से मजबूत होंगे। किसानों ने कहा कि अगर सरकार उन्हें कुछ मदद करती है तो गांव के अन्य किसान भी मिर्ची की खेती कर सकते हैं।

जब किसान की जज्बा की जानकारी जिले के उपायुक्त शशिरंजन को दी तो उन्होंने बताया की किसान जागरूक हो रहे है सरकार के तरफ से जो भी सहायता होगी सभी किसान को लाभ पहुचने की बात कही लेकिन कब तक पहुंचेगा आने वाला समय ही बताएगा।

एक तरफ तो सरकार किसान की कोई भी परेशानी नही होने की बात कहती है लेकिन गुमला जिला के जरी प्रखंड में आज तक किसानो को कोई भी सरकारी सहायता नही मिली है। सरकार को चाहिए कि समय रहते किसानो को लाभ नही मिलेगा तो आने वाला समय ही बताएगा। 

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