खेल के क्षेत्र में भारत का वर्चस्व स्थापित होगा तो दुनिया हमारा लोहा मानेगी -सरसंघचालक मोहन भागवत

धनबाद के मेगा स्पोर्ट कॉम्प्लेक्स को बनाएंगे राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम सरकार देगी और 4 करोड़ रु, रांची, देवघर में खुलेगा सेंटर ऑफ़ एक्सलेंस : CM

Mukhyadhara/धनबाद ::

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा धनबाद के अधूरे मेगा स्पोर्ट कॉम्प्लेक्स को राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाया जायेगा. इसे पूरा करने के लिए सरकार और 4 करोड़ रु खर्च करने जा रही है.

यह बांते उन्होंने धनबाद के मेगा स्पोर्ट कॉम्प्लेक्स से कही. मुख्यमंत्री क्रीड़ा भारती के तीसरे राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन समारोह के खुला सत्र को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि झारखंण्ड में काफी प्रतिभावान खिलाडी है.

खेल और खिलाड़ियो को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक खेलो के लिए सेंटर ऑफ़ एक्सलेंस खोलने जा रही है. जिसमे 16 से 22 वर्ष के बालक बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जायेगा. प्रत्येक एक्सलेंस सेंटर में 32 -32 खिलाडी होंगे. यह केंद्र रांची और देवघर में खुलेगा.

आगामी बजट में सरकार 44 सौ पंचायतों में खेल मैदान निर्माण करने का निर्णय लिया है. प्रत्येक पंचायत में 20 लाख की लागत से खेल मैदान बनेगा. नए वर्ष में खेल महाकुंभ का आयोजन करने पर सरकार विचार कर रही है.

सरकार इस वर्ष 2019 में चार खेल हॉकी, बुशु, तीरंदाजी और फुटबॉल का स्कूल गेम्स फेडरेशन आयोजित करने जा रही है. जिसमे बुशु की प्रतियोगिता 10 से 13 जनवरी को आयोजित होगी. पंचायतो, प्रखंडो और जिला में कमल क्लब का गठन किया है.

सरकार हर साल पंचायत से लेकर राज्य स्तर पर फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित करती है. इस साल 1 लाख 36 हजार 4 सौ 46 खिलाड़ियो ने भाग लिया. जिसमे 31 हजार 9 सौ 98 बालिकाएं थी.

राज्य सरकार राष्ट्रीय औऱ अंतराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियो को सरकारी नौकरी में सीधे नियुक्ति दे रही है. उनके लिए 2 प्रतिशत आरक्षण रखा गया है. राज्य में खिलाड़ियो को छात्रवृत्ति और सम्मान राशि भी देने का काम सरकार कर रही है. इस वर्ष 406 खिलाड़ियो को छात्रवृत्ति और सम्मान राशि दिया गया.

कोल इंडिया के सहयोग से सरकार रांची स्थित खेल गांव में खेल एकेडमी चला रही है. जिसमे राज्य भर से चयनित 400 बच्चो को पढ़ाने के साथ साथ उन्हें ताईकोंडो, कुश्ती, फुटबॉल, शूटिंग आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. एकेडमी में 80 प्रतिशत बच्चे वनवासी, आदिवासी, ग्रामीण क्षेत्र से है.

इंदौर से आई महिला खिलाड़ियो के द्वारा कार्यक्रम में योगा का अद्भुत प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री ने क्रीड़ा भारती को मुख्यमंत्री विवेकानंद निधि से 3 लाख रु देने की घोषणा की.

समापन समारोह को क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष चेतन चाैहान और महामंत्री राज चाैधरी ने भी संबोधित किया.

अंतिम संबोधन आरएसएस के संघसंचालक मोहन भागवत का हुआ. उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग समारोह स्थल पहुँचे थे.

आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने दुनिया के खेल के मंच पर भारत को सिरमाैर बनाने की वकालत की है। उन्होंने कहा है जैसे सेना का लोहा माना जाता है वैसे ही खिलाड़ियों का भी दुनिया में लोहा माना जाता है। खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले देश की दुनिया लोहा मानती है। खेल के क्षेत्र में भारत का वर्चस्व स्थापित होगा तो दुनिया हमारा लोहा मानेगी। कहा कि खेल न सिर्फ व्यक्तिगत जीवन पर प्रभाव डालता है बल्कि राष्ट्रीय जीवन और अंतरराष्ट्रीय जगत को भी प्रभावित करता है। खेल के क्षेत्र में व्यापक प्रतिस्पर्धा होती है। इससे शारीरिक और मानसिक क्षमता के शौर्य का प्रदर्शन होता है। प्रतिस्पर्धा में आगे रहने वालों का सब लोहा मानते हैं। इससे देश के नागरिकों की शारीरिक क्षमता और बौद्धिक चातुर्य का पता चलता है। इस बात को बहुत पहले से यूरोप और अमेरिका के देश अच्छी तरह से जानते हैं। यही कारण है कि वे खेल में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। यूरोप और अमेरिका की देखा-देखी चीन भी खेल के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

गांव-गांव में खेल संस्कृति को बढ़ावा देकर खेल का वैभव बढ़ाने के लिए संघ प्रमुख ने लोगों से बच्चों को क्रीड़ा भारती के केंद्र में भेजने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, लोगों की शिकायत रहती है कि स्कूलों में खेल की शिक्षा की व्यवस्था नहीं है। कोई बात नहीं। जहां भी खेल हो रहा है वहां बच्चों को भेजिए। खेल के मैदान में बच्चों को भेजिए। खेल के मैदान में बच्चे जाति-धर्म से ऊपर उठकर समभाव से खेलते हैं। इससे खेल का माहौल तैयार होने के साथ ही सामाजिक समरसता भी बनती है। खेल-खेल में ही एकता और सामूहिकता का बोध बच्चों को होता है।

कहा कि सफल खिलाड़ियों को अपने साथियों को भी लेकर चलना चाहिए। उन्हें साथी मानकर सहयोग करना चाहिए। खेल में जो आगे बढ़ गए हैं उन्हें पीछे छूट गए खिलाड़ियों के बारे में सोचना चाहिए। एकता, सामूहिकता और परस्पर भाव से देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। खेल के विकास के लिए भागवत ने अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक में मेडल प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी मेडल प्राप्त करते हैं, उनके पीछे देश की सवा सौ करोड़ लोगों की प्रार्थना होती है। जो मेडल एवं उपलब्धि आप प्राप्त किए हैं उसे राष्ट्रहित में लगाएं। गोल्ड मेडल का सम्मान निश्चित रूप में आपका है, लेकिन उसे व्यर्थ नहीं जाने दें। उसे विश्व के खेल में भारत को शिखर तक पहुंचाने के लिए समर्पित करें। यहां तक पहुंचने के लिए आपने जो परेशानी झेली है, वैसी परेशानी आने वाली पीढ़ी को नहीं झेलनी पड़े। इसके लिए काम करें।

खिलाड़ियों की नीलामी पर चुटकी लेते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि खेल भी व्यापार हो गया है। खिलाड़ी भी नीलाम हो रहे हैं। सोना, हीरा और कीमती रत्न जैसे खिलाड़ी नीलाम हो रहे हैं। दुनिया के शक्तिशाली देश और क्लब खिलाड़ियों को नीलामी में हासिल करना चाहते हैं। इससे खेल और खिलाड़ियों के महत्व का पता चलता है।

इस माैके पर राज्य के खेल मंत्री अमर बाउरी, मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, सांसद पीएन सिंह, रवींद्र पांडेय, विधायक राज सिन्हा, फूलचमंद मंडल, क्रीड़ा भारती के संजय तिवारी, फूल सिंह, ललन सिंह, अमरेश सिंह, विक्रांत उपाध्याय आदि उपस्थित थे.

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