यत्र नार्यस्तु पूजयंते, रमंते तत्र देवता

महिलाओं के सशक्तिकरण से हीं समाज एवं देश का सशक्तिकरण संभव -विधायक श्री नारायण दास

Mukhyadhara/Deoghar :: यत्र नार्यस्तु पूजयंते, रमंते तत्र देवता अर्थात जहां नारी की पूजा होती है, वहीं देवताओं का वास होता है और समाज के सशक्तिकरण और समृद्धि की बात वगैर नारी सशक्तिकरण के संभव नहीं है। उक्त बातें विधायक श्री नारायण दास द्वारा जेएसएलपीएस के तत्वावधान में मोहनपुर प्रखण्ड के प्रखण्ड स्टेडियम में आयोजित ’’सखी संवाद’’ कार्यक्रम में महिला समूह की दीदीयों को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हंै और ऐसे में समाज के विकास की परिकल्पना आधी आबादी को छोड़कर बेइमानी होगी। नारी न केवल व्यक्ति विशेष को बल्कि पूरे परिवार एवं समाज को विकास के पथ पर अग्रसर करती है। उन्होंने सखी मंडल की बहनों से घर की चाहरदीवारी से बाहर निकलकर देश दुनिया की खबर रखते हुए सरकार की जनकल्याकारी योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए कृत संकल्पित है। सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना आदि योजनाएं सरकार की नारी सशक्तिकरण की सोच का हीं परिणाम है। महिलाएं सरकार की भिन्न-भिन्न योेजनाओं को अपने स्थानीय पदाधिकारी एवं जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त करें एवं उनका लाभ उठायें।

कार्यक्रम में जिला परिषद के उपाध्यक्ष संतोष पासवान ने भी संबोधित किया। उन्हांेने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम नारी सशक्तिकरण की दिशा में सरकार व जिला प्रशासन की सकारात्मक सोच का परिणाम है। महिलाएं जानकार होकर सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भर की दिशा में अग्रसर हों।

जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रवि कुमार कुमार ने अपने संबोधन के दरम्यान सरकार की भिन्न भिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, 108 निःशुल्क एम्बूलेंस सेवा, 104 निःशुल्क चिकित्सा सलाह, सुकन्या समृद्धि योजना, 181 मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र आदि की जानकारी देते हुए कहा कि महिलाएं सशक्त होकर हीं समाज में प्रतिष्ठित स्थान पा सकती है। अनेकों उदाहरण ऐसे हैं, जहां महिलाओं ने जोरदार उपस्थिति दर्ज करते हुए अपनी पहचान बनायी है। ऐसी महिलाएं अपने पतियों के नाम से नहीं बल्कि वे स्वयं के नाम से जानी व पहचानी जाती हैं। उन्होंने सखी मंडल की एक महिला की तारीफ करते हुए कहा कि सखी मंडल समूह से जुड़ जाने से उन्होंनेे न केवल अपनी पहचान बनायी बल्कि सरकारी कार्यालयों, बैंको में भी पहचान की मोहताज नहीं रहीं। अब उन्हें उनके पति के नाम से नहीं बल्कि उनके स्वयं के नाम से समाज जानता है।

कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रकाश रंजन ने भी संबोधित किया एवं कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। विदित हो कि 3 जनवरी से 09 जनवरी तक भिन्न-भिन्न प्रखण्डों में ’’सखी संवाद सप्ताह’’ के तहत कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। पहला कार्यक्रम आज मोहनपुर प्रखण्ड के स्टेडियम में आयोजित किया गया। इसी प्रकार 04 जनवरी को देवघर एवं देवीपुर, 05 जनवरी को सारवां, सोनारायठाढ़ी एवं पालोजोरी, 08 जनवरी को मारगोमुण्डा, मधुपुर एवं 09 जनवरी को करौं व सारठ प्रखण्ड में ’’सखी संवाद’’ कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगें। कार्यक्रम में सखी मंडल की महिलाओं को भिन्न-भिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ अनेकों कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी जाती है।

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