सुरक्षा की दृष्टिकोण से केवल सत्यापित सूचनाएँ हीं प्रसारित होनी चाहिए- उपायुक्त देवघर

डेस्क/DEOGHAR :: राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर सूचना भवन के सभागार में ‘‘न्यू मीडिया, बदलती चुनौतियाँ’’ विषय पर संगोष्टि-सह-परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

कार्यक्रम में इंडियन पंच के ब्यूरो चीफ जेम्स कुमार नवाब ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि न्यू मीडिया वरदान के साथ-साथ अभिशाप की भी प्रकृति लिए हुए है इसलिए हमें इसका विवेकशील एवं तार्किक दृष्टिकोण से उपयोग करना चाहिए। सहारा समय के जिला संवाददाता  बम शंकर वाजपेयी, आज अखबार के ब्यूरो चीफ प्रो0 रामनंदन सिंह, जीतन कुमार, हिन्दुस्तान दैनिक के उमेश यादव, न्यूज-24 के जिला संवाददाता रंजीत कुमार ने भी अपने-अपने विचार रखे। सभी ने जिला प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि न्यू मीडिया हमें आजादी से बात रखने की स्वतंत्रता देता है। हम बिना किसी दबाव के अपनी बातों को समाज के समक्ष रख सकते हैं। समय के साथ-साथ चुनौतियाँ बढ़ी है परन्तु स्वतंत्रतापूर्वक बात रखने के दृष्टिकोण से यह एक अच्छा प्लेटफार्म है।

कार्यक्रम में प्रभात खबर के सम्पादक संजय मिश्र ने भी परिचर्चा में भाग लिया। उन्होंने कहा कि न्यू मीडिया एक नयी चुनौती है परन्तु अभी भी प्रिंट मीडिया की प्रासांगिकता बनी हुई है। आज भी सुबह-सुबह लोग अखबार के पन्नों का ही मजा लेना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि न्यू मीडिया के तहत् कृत्रिम बौद्धिक एक नयी चुनौती है। गूगल, फेसबुक आदि पाठक व दर्शक के मनोवृति को भाँप कर उसके अनुरूप हीं सूचनाएँ परोसती है। यह स्थिति बड़ा हीं खतरनाक है इसलिए हमें अपने आस-पास की जानकारियों को अद्यतन रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम जिस प्रकार की सूचनाएँ फेसबुक, गुगल पर खोजते हैं, उसी प्रकार की सूचनाएँ हमारे समक्ष उपस्थित होने लगती है। इसलिए न्यू मीडिया के टूल्स का विवकेशील उपयोग आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि बिना पहरेदारी के कोई भी मीडिया अस्तित्व में नहीं रह सकता, उसमें आवश्यक अंकुश जरूरी है तभी इसकी निरंतरता बनी रह सकती है।

उपायुक्त ने परिचर्चा में भाग लेते हुए अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि न्यू मीडिया आज के परिप्रेक्ष्य में नयी चुनौती लेकर सामने आया है। उन्होंने नैसर्गिक न्याय की बात करते हुए कहा कि बिना दोनों पक्षों को सुने हम भावनाओं के आधार पर निर्णय नहीं ले सकते या किसी को सजा नहीं दे सकते। न्यू मीडिया में सूचनाआंे का भंडार है। परन्तु सूचनाओं के इस बाढ़ में कई ऐसी सूचनाएँ होती हंै, जो सत्यापित नहीं होती। इसलिए समाज एवं आमजनों की सुरक्षा की दृष्टिकोण से केवल सत्यापित सूचनाएँ हीं प्रसारित होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हमारे शासन व्यवस्था मे जनता हीं सर्वोच्च है और अंत में न्याय के लिए जनता, जनता के पास हीं जाना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि दूसरों के अधिकार का हनन करके अपना अधिकार प्राप्त करना न तो संवैधानिक है न हीं न्याय संगत है। कहा कि बिना नियंत्रण के किसी भी चीज की निरंतरता संभव नहीं है, इसलिए न्यू मीडिया के माध्यम से हमें नियंत्रित होकर पूरे जवाबदेही के साथ जनता की बात जनता तक पहुँचानी होगी। गलत समाचार पूरे समाज में विध्वंस फैला सकता है। जिम्मेवार नागरिक होने के नाते हम सभी का कर्तव्य बनता है कि गलत सूचनाओं से परहेज करें एवं विवेकशील होकर तार्किक तरीके से किसी भी चीज को आत्मसात करें।

उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में कोई भी चीज शाश्वत नहीं है। न्यू मीडिया की उपज भी इसी सिद्धान्त पर आधारित है। हमें इसमें आ रही चुनौतियों का सामना करते हुए बदलाव को स्वीकार करना होगा। इससे लोकतंत्र एवं अंततः जनता को हीं लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि विचारों का आदान-प्रदान होते रहना चाहिए और आज की परिचर्चा इसी परिप्रेक्ष्य में आयोजित की गयी है। उन्होंने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की बढ़ती जिम्मेवारियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस विभाग के दायित्व लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में और भी संवेदनशील होकर कार्य करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के आरंभ में जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रवि कुमार ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि समय के साथ बदलाव आवश्यक है एवं इसी कड़ी में न्यू मीडिया आज हमारे समक्ष चुनौती बनकर उभरा है। यह समाजिक दृष्टिकोण से अत्यंत हीं महत्वपूर्ण है। यह न केवल हमारे जीवन को आसान बनाता है बल्कि एक-दूसरे को जानने पहचानने का अवसर भी प्रदान करता है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी इसी कड़ी का हिस्सा है। परन्तु अच्छाईयों के साथ-साथ कुछ चुनौतियाँ भी उभरकर सामने आती हंै। पहले जब सोशल मीडिया जैसी कोई चीज नहीं थी तब साईबर कानून की भी कोई आवश्यकता नहीं थी। परन्तु समय के साथ चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए साईबर कानून बनाने पड़े। उन्हांेने कहा कि परिचर्चा से एक विवेकशील निष्कर्ष निकलकर सामने आयेगा।

मौके पर प्रिंट एवं इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रमुख संवाददाता एवं छायाकार उपस्थित थे।

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