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भर पेट खाना और पेट भर “…….” ही सफलता है तो दोनों जंतुओं में असमानता क्या है?

: पुर्णेन्दु पुष्पेश : भर पेट खाना और पेट भर “…….”, इससे ज्यादा कोई कुछ करे तो ‘सफलता’; वर्ना दोनों जंतुओं में असमानता क्या है? कुछ की चार बातें सुन लेना, कुछ को चार बातें सुना देना; किसी के लिए नारे लगा देना, किसी के लिए मौन धारण कर लेना; वस्तुतः क्या यही सफलता का पैमाना है? प्रौढ़ों ने तो अपने जीवन का एक ट्रैक बना लिया है. संभवतः बूढ़े तोते पोस नहीं मानेंगे! पर क्या युवाओं का ट्रैक भी यही है? वे युवा जिनके बच्चे बड़े हो रहे हैं वे…

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आज झारखण्ड भाजपा के आत्मविश्लेषण का दिन है

अतिश्योक्ति नहीं गर कहा जाये कि आज झारखण्ड भाजपा के आत्मविश्लेषण का दिन है. झारखण्ड भाजपा कभी भी झारखंडी-भाजपा बन पाई ही नहीं लगता है. सिंहासन पर गद्दीनसीन होने के बाद अगर किसी राज्य में भाजपा का मिजाज़ बेकाबू हुआ है तो वो है झारखण्ड. स्थानीय सरकार ने कहीं न कहीं जनता के साथ-साथ अपने कार्यकर्ताओं से भी मुहँ मोड़ लिया था ऐसा ही प्रतीत होता है.  पूरे भारत में चुनाव के वक़्त प्रधानमंत्री जहाँ-जहाँ गए भाजपा को अच्छा रिजल्ट प्राप्त होता रहा है. परन्तु फेल होने की स्थिति तभी बनती है जब स्थानीय…

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महत्वकांक्षा के आवेग में लंबोदर महतो का बेसिरपैर बयान आया सामने

गोमिया उपचुनाव से सम्बद्ध आजसू प्रत्याशी लम्बोदर महतो अपना स्वहित व अपनी महत्वाकांक्षा के आवेग में इस कदर बह रहे हैं कि उनकी बातें अब जनता की समझ का दायरा तोड़ कर कल्पनाजगत और दिवास्वप्नलोक तक उफन रही हैं. कल रात एक स्थानीय अखबार को वीडियो-साक्षत्कार देते हुए लम्बोदर महतो ने हास्यस्पद सी कई बातें कहीं जो जनता पचा नहीं पा रही है. मसलन उनका कहना है कि प्रथम स्थान तो लम्बोदर महतो के लिए सुरक्षित है, बीजेपी और झामुमो तो सेकेण्ड पोजीसन के लिए मुकाबला कर रहे हैं. जैसे अन्य…

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गोमिया उपचुनाव में NDA का गेम, तीन प्रत्याशियों के साथ उतरी रण में

अरे वाह, यहाँ तो गेम हो गया!! “जो तुमको हो पसंद वही बात कहेंगे, तुम दिन को अगर रात कहो रात कहेंगे…” के तर्ज़ पर NDA ने गोमिया उपचुनाव में जनता के साथ एक गेम खेला है जिससे उसने एक तीर से तीन निशाने साधे हैं. अगड़ी/बाहरी/मगह/शहरी आदि जाति नाम से जाने जाने वाले लोगों को लुभाने के लिए बीजेपी बैनर से माधव लाल सिंह कुर्मी/कुम्हार महतो समुदाय के लोगों को लुभाने के लिए आजसू बैनर से डॉ लम्बोदर महतो मुस्लिम समुदाय के लोगों को लुभाने के लिए राष्ट्रीय लोक समता पार्टी…

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डूबे लम्बोदर के इन्वेस्टमेंट, गोमिया उपचुनाव में अपना प्रत्याशी देगी भाजपा

आखिर वही हुआ जिसकी लोगों को उम्मीद थी….लम्बोदर महतो के साथ गेम हो गया. लम्बोदर महतो ने जितने भी लगाये थे वो सब डूब गए. बिना आपसी सहमति से लगाई गई लागत अक्सर डूब ही जाती है. तो अब लम्बोदर महतो क्या निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे? क्योंकि कल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने पार्टी बैठक के बाद मीडिया के सामने स्पष्ट कर दिया है कि “गोमिया में भाजपा का हक बनता है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ वहां चुनाव लड़ेगी. आजसू भी गठबंधन धर्म निभाए”. भाजपा सिल्ली सीट सहयोगी…

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आजसू का गोमिया से लम्बोदर महतो को चुनाव लड़ाना और एक बड़ी भूल

खबर आई है कि सिल्ली से आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो और गोमिया से लम्बोदर महतो चुनाव लड़ेंगे. सुदेश महतो का तो जातीय समीकरण सही पर चलो अपना एक किला है और वो भवसागर से निकल ही आयेंगे पर लम्बोदर महतो तो अबतक तो किसी और के नाम से जाने जाते थे, 4-6 जायज़-नाजायज़ उद्घाटनों-शिलान्यासों में को-एक्टर बनकर कब से इतने लोकप्रिय और जन्समर्पित नेता हो गए कि दिवास्वप्न देखने को आमादा हो गए. संभव है कि इनकी जमानत न जब्त हो जाये. वैसे भी आजसू की रणनीति नए-नए चेहरे मैदान…

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बोकारो जिला में क्यों घटता जा रहा है भाजपा का जनाधार?

क्या खिसक रहा है बोकारो जिला से भाजपा का जनाधार? क्या भाजपा के दोनों सांसद और सभी विधायक अपना काम अच्छी तरह से नहीं कर रहे? बोकारो जिला में क्यों घटता जा रहा है भाजपा का जनाधार? कुल मिला कर झारखण्ड में जहाँ भाजपा ने इस चुनाव में इतना बढ़िया प्रदर्शन किया है वहीँ बोकारो में औंधे मुँह क्यों गिर पड़ी? भाजपा के केंद्रीय कक्ष में यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा और विचारनीय बिंदु होना चाहिए. अभी हाल ही में फुसरो नगर परिषद आम चुनाव के जो परिणाम आये हैं, उसे सिर्फ…

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UIDAI ने CSC को किया सेवामुक्त, हजारों बेरोज़गार VLE मांग रहे हर्जाना, दोषी कौन?

UIDAI ने CSC को किया सेवामुक्त सभी आधार केंद्र होंगे बंद हजारों बेरोज़गार VLE मांग रहे CSC से हर्जाना इसी हफ्ते, यूआईडीएआई ने सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड को आधिकारिक तौर पर उसके साथ रजिस्ट्रार-समझौते का नवीनीकृत करने से साफ़ इनकार कर दिया है. 6 फरवरी, 2018 के ही पत्र में, उन्होंने आधार सेवाएं प्रदान करने के लिए सीएससी नेटवर्क के तहत केंद्रों के लिए अनुमति प्रदान करने से इनकार कर दिया है. अर्थात अब से CSC का कोई भी VLE कहीं भी आधार की कोई भी सेवा प्रदान नहीं कर…

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आपका हार्दिक स्वागत है !!

  हार्दिक स्वागत !! विगत तीन-चार सालों से अपने तरीके से तथ्यों व विचारों को आप सभी तक पहुँचाने की कोशिश करते रहे हम पर एक ही अख़बार घर-घर तो पहुँचता नहीं है! और हमारी टीम में कोई ‘घराना’ तो है नहीं कि लाखों की तादाद में हमारे अख़बार की प्रतियां छपें और ससमय बाँट भी दी जायें! अबतक अख़बार जैसे-तैसे घिसटता रहा चलता रहा पर कभी भी दौड़ा नहीं—पर अब ऐसा नहीं होगा. अब से हमारे मार्फ़त प्रस्तुत सभी तथ्य और विचार आप सब तक बड़ी सहजता से पहुंचेंगे…

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सरकारी योजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी किसकी?

24-01-2018: आम जनता के लिए सरकारी योजनाएं-परियोजनाएं तब भी बनती थीं, अब भी बनती हैं। ठीक है आजकल ज्यादा ही बन रही हैं। पर जमीन पर तो उतारना होगा ना उन्हें पूरा का पूरा! फिर से वही कहूंगा कि पहले कम उतरती थीं आजकल थोड़ी ज्यादा। सिर्फ कागज पर तो योजनाओं को कोई नहीं चलाता, दिखावे के लिए कुछ काम तो होता ही है। परन्तु सच कहिए तो क्या उनका सही या पूरा उपयोग हो पाता है? योजना-परियोजना विशेष की अंतिम तिथि को आंकड़े सारा सच बयान कर देते हैं।…

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