खोरठा साहित्य सांस्कृतिक मंच की बैठक चंदनकियारी टाउन हॉल में संपन्न

आज दिनांक 10-06-2018 को खोरठा साहित्य सांस्कृतिक मंच की बैठक चंदनकियारी टाउन हॉल में मंच के सलाहकार डॉ नागेश्वर महतो की अध्यक्षता में हुई. संचालन मंच के सचिव कुमुद महतो ने किया. इसके मंच के अध्यक्ष आसित कुमार चक्रवर्ती मुख्य रूप से उपस्थित थे. बैठक में सर्वसमिति से निर्णय लिया गया की बोकारो जिला के सभी प्रखंडों में खोरठा साहित्य सांस्कृतिक मंच की कमिटी का गठन करने का निर्णय हुआ जिसमें खोरठा साहित्यकारों , कवि, कलाकारों, छात्रों और खोरठा भाषी को मिलाकर कमिटि का निर्माण किया जायेगा. साथ ही निर्णय…

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सिंहपूर में भव्य खोरठा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन

विश्व पर्यावरण दिवस के ही अवसर पर सिंहपूर की सांस्कृतिक टीम ’जागो जगाओ सांस्कृतिक मंच 8 के प्रथम बार्षिक स्थापना दिवस पर कई कार्यक्रम किये गये। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सबसे पहले सुबह बृक्षारोपन का कार्यक्रम हुआ। संध्या खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद् की बैठक हुई जिसमें कई साहित्यकार एवं कलाकारों ने भाग लिया। खोरठा भाषा पर प्रथम पीएचडी का गौरव प्राप्त करने वाले डाॅ भोलानाथ महतो की अध्यक्षता में हुए इस संगोष्ठी में खोरठा भाषा की वर्तमान दशा-दिशा पर चर्चा की गई। इस चर्चा में भाग लेने वालों में…

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हमें किसी विदेशी भौतिकवादी मार्क्स, लेनीन या माओ की जरूरत ही क्या?

: गिरिधारी गोस्वामी : धर्म के नाम पर पशुओं के बलि दिये जाने पर सवाल पर आज भी पूरोहित द्वारा यही जबाब दिया जाता है कि बलि में प्रयूक्त पशु की आत्मा धार्मिक कर्मकाण्ड में मरने पर उसे सिधे स्वर्ग की प्राप्ति होती है। प्राचिन भौतिकवादी दार्शनिक चार्वाक ने हजारों वर्ष पहले ही इस कृत्य पर प्रश्न करते हुये कहा था, “पशुश्चेन्निहतः स्वर्गं ज्योतिष्टोमे गमिष्यति। स्वपिता यजमानेन तत्र कस्मान्न हिंस्यते।।” अर्थात- जो यज्ञ में पशु को मार होम से वह स्वर्ग को जाता हो तो यजमान अपने पितादि को मार…

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खोरठा आलेख : मुरूत सब दिन भांगल गेले हइ, ताव बनवे ले छाड़त नाय लोक!

 : आकाश खूँटी : दुनियाँ में सबले बेसी बुद्ध के मुरूत बनल, आर दुनियाँ में सबले बेसी बुद्ध केरे मुरूत तोड़ल गेल। मुरूत बा मुरति एगो खाली आस्था के चिन्हा नाय हवे बरन बेसी कइर सासक बरगेक आधिपत्येक चिन्हों हवे हे। जहाँ जकर सासने दखल भेलइ ऊ आपन आचार-विचारेक परचारेक माइधमें एगो बोड़ माइधम मुरति बनाइ करल हे। अशोक जइसन हिंसक समराट जखन बौद्ध भइ गेल तखन आपन सासनेक कोना-कोना तक बुद्धेक संदेस आर ओकर चिन्हा बाघ आर धरम चकरी बनाइ छाड़ल। ओर आगुवे ले जैन तिरथंकरेक मुरूत आर गोड़ेक…

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मेरी पुरानी डायरी से… पूर्णेंदु पुष्पेश

मेरी पुरानी डायरी से… पूर्णेंदु पुष्पेश हर शैतां बदलेगा, हैवां बदलेगा. सरूर-ये-ज़ंग में जकड़ा इंसां बदलेगा. शहंशाह बदलेगा वो मकां बदलेगा. नक़ाबों का सौदागर दुकां बदलेगा. पहाड़ों को आज़माना अब खेल नहीं,  चुपके से अपना रुख़ तूफां बदलेगा. हवा के सर्द झोंके अब मयस्सर नहीं, सदियों से रहा चुप बेज़ुबां बदलेगा. ज़हंनुम भी मयस्सर न होगी उसे, हर क़ातिल अब अपना निशां बदलेगा. ***                

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प्रमुख्य साहित्य स्थानीय 

नव जागृति मंच के प्रांगण में हुई खोरठा सहित्य सांस्कृतिक मंच की बैठक

दिनांक 8-04-2018 को खोरठा सहित्य सांस्कृतिक मंच की बैठक तेलिडीह स्थित नव जागृति मंच के प्रांगण में हुई। बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष असित कुमार चक्रबर्ती की किया। इस बैठक की संचालन कुमुद महतो ने किया। इस बैठक में खोरठा के कवि, साहित्यकार एवं  छात्रों ने भाग लिया। इसमे आमंत्रित सदस्य के रूप में सृष्टिधार रजवार जिला परिषद सदस्य उपस्थित थे। इस बैठक में निम्न प्रस्ताव पारित किया गया गत बैठक की समीक्षा हुई, मंच के बायलॉज के निर्माण पर चर्चा हुई, राज्यपाल मोहदया के नाम से ज्ञापन दिनांक…

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खोरठा भाषा मानकीकरण कार्यशाला की तैयारी पर बैठक

खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद के तत्वावधान में प्रस्तावित खोरठा भाषा मानकीकरण कार्यशाला की तैयारी से संबंधित एक आवश्यक बैठक परिषद के मुख्यालय, ओहदार भवन, कांकेबार, रामगढ़ में आज (03 अप्रेल,’18) को सम्पन्न हुई। परिषद के अध्यक्ष डॉ बी एन ओहदार की अध्यक्षता में हुई इस विशेष बैठक में 21 जनवरी 18 को चास की बैठक में तय की गई तिथि में स्थानीय निकाय के चुनाव के चलते फेर बदल किया गया। मालूम हो कि पहले इसकी संभावित तिथि 14-15 अप्रेल तय की गई थी। अब इसकी तिथि को आगे बढ़ाते…

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झारखंड के द्वितीय राजभाषा एक विमर्श : आकाश खूँटी

उर्दू को तो बिहार से ही विरासत में झारखंड में द्वितीय राजभाषा का दर्जा मिला बिना मांगे, फिर बंगला, उड़ीया और झारखंड के नौ भाषाओं ने सम्मीलित आंदोलन किया अपने-अपने स्तर पर फिर 2011 में इन बारह भाषाओं को झारखंड के द्वितीय राजभाषा का दर्जा दे दिया गया। कोई बता सकता है कि इन भाषाओं को द्वितीय राजभाषा का दर्जा मिलने के बाद क्या लाभ हुआ? मेरी नजर में रत्ती मात्र भी नहीं! बल्कि मैं तो यह कहता हूँ कि बिहार रहते जो ’जनजातीय अकादमी’ बनी थी और उसके माध्यम से…

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‘खोरठा साहित्य संस्कृतिक मंच’ का गठन

आज 11-03-2018 को ‘खोरठा साहित्य संस्कृतिक मंच’ नाम का एक संगठन का गठन किया गया जिसकी अध्यक्षता खोरठा साहित्यकार  प्यारे हुसैन प्यारे ने की. जिसकी बैठक समुदायिक भवन, बारहमसिया, दुबे काटा मोड़, चन्दकियारी, बोकारो में किया गया.  ‘खोरठा साहित्य संस्कृतिक मंच’ के गठन से सम्बंधित इस बैठक में खोरठा भाषा के अनेक कवि, लेखक, साहित्यकार व बुद्धिजीवीयो की गरिमयी उपस्थिति रही.  ‘खोरठा साहित्य संस्कृतिक मंच’ का मुख्य उद्देश्य खोरठा भाषा का विकास एवं विस्तार, संस्कृति की रक्षा करना व खोरठा के उत्थान में निरंतर संघर्ष करना, नए युवा लेखक, कलाकारों को…

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स्वस्थ्य लाभ हेतु विभिन्न आसनों की शरण जायें नेता

[व्यंग्य] अभी कल ही बिहार की पुण्य भूमि में कुछ खेमाबदली की महत्वपूर्ण घटनाएँ देखने को मिलीं जो कुछ राजनितिक दलों को ख़ुशगवार कर गईं तो कुछ को नाराज़! अब इससे किसका कितना स्वास्थ्य लाभ होने वाला है ये तो समय ही बताएगा पर सुनने में आया है कि विश्व के सभी  योगाचार्यों ने समुहिकरुप से ऐसे नेताओं को सलाह दी है कि व़े  अपने राजनितिक स्वस्थ्य लाभ हेतु विभिन्न आसनों की शरण जायें! उनके द्वारा सुझावित महत्वपूर्ण आसन की प्रतिलिपि यहाँ प्रस्तुत हैं –    भासन – ‘भ’ आसन…

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