प्रीनर्सरी के बच्चे की पिटाई से टूटा कॉलर बोन : फ्यूचर फाउंडेशन प्ले स्कूल की प्राचार्या पर इल्ज़ाम

राजेश वर्मा/बोकारो :: अपनी अस्पष्ट हिंदी-बांग्ला भाषा में चास साहू मार्किट स्थित फ्यूचर फाउंडेशन स्कूल के प्रीनर्सरी का एक बच्चा बता रहा है कि “चश्मा वाला मैम ने हमको बहुत मारा और सीढ़ी से  धकेल  दिया  ….बहुत दुखता है……लाग्छे ” ।  दरअसल वाक़या यह है कि प्रीनर्सरी के एक बच्चे की किसी शैतानी पर फ्यूचर फाउंडेशन प्ले स्कूल की प्राचार्या ने उसकी पिटाई के दौरान उसको संभवतः कुछ इस तर झिकझोड़ा या धक्का दिया कि यह अबोध बच्चा वहां सीढ़ियों से नीचे गिर पड़ा और उसे काफी गंभीर चोटें आईं हैं।

बच्चे का कॉलर बोन टूट गया है और पैर में हेयर फ्रैक्चर हुआ है।  डॉक्टर का कहना है कि अगर अगले 20-21 दिन में हड्डी नहीं जुड़ती है तो स्टील-रॉड लगाना होगा।

“चश्मा वाला मैम ” अर्थात फ्यूचर फाउंडेशन प्ले स्कूल की प्राचार्या को इंगित कर रहा है बच्चा। प्राचार्या पर इल्ज़ाम लगाते हुए बच्चे के अभिभावक ने बच्चों के एक न्यूज़ चैनल “चर्चित चिल्ड्रेन ” के विडिओ इंटरव्यू में तफ्सील से बताते हुए कहा कि 04.09.2019 को हमारा बच्चा जब स्कूल के ऑटोरिक्शा से घर पहुंचा तो उसका बायां कन्धा झुका हुआ था और रो-रोकर कहने लगा कि उसे मत छुओ।

स्कूल के ऑटोरिक्शा वाले ने भी कुछ भी बताने से इंकार किया और स्कूल जा कर पता करने को कहा।  स्कूल जाने पर उल्टा प्राचार्या ने उन्हें (अभिभावक को) बकवास न करने को कहते हुए डाँट कर भगा दिया। बताया कि स्कूल में सभी महिलाये हैं, ज्यादा शोर शराबा करेंगे तो महिलाओं वाले इल्ज़ाम तो लगाएंगे ही साथ में कुछ ऐसा कर देंगे कि बच्चे का एडमिशन किसी भी स्कूल में नहीं होगा। वे (पिता) उलटे पॉव वहां से निकल लिए और बच्चे को अस्पताल ले गए जहाँ पता चला कि बच्चे का कॉलर बॉन टूट गया है।

पर मामला तूल तब पकड़ा जब चास थाने से पिता को कॉल कर थाने में हाज़िर होने को कहा गया। मामला स्कूल में जा कर बद्द्तमीज़ी करने का था। वहां पिता ने जब थानेदार को पूरा वाक़या बताया तो सुझाव मिला कि वो भी उल्टा केस कर दें, पिता ने वैसा ही किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बोकारो की समाजसेवी व नेत्री मधु चौधरी बच्चे के घर जाकर अभिभावकों से मुलाक़ात की और पूरा मामला समझा।  बच्चे से भी बात करने की कोशिश की। बच्चे ने वहां भी मधु चौधरी को टूटी-फूटी भाषा में “चश्मा वाला मैम ” के मारने और धकेल देने की बात बताई। मधु चौधरी ने अभिभावकों को आस्वस्थ किया और पूरा न्याय दिलाने की बात कही।

मधु चौधरी ने बताया कि चास थानेदार ने 6 सितम्बर 2019 को ही आई/ओ नियुक्त करते हुए कार्रवाई आरंभ करने का आदेश दिया था परन्तु आज तक अभिभावकों से मिलने कोई नहीं आया है।  इस सम्बन्ध में वो चास थाना प्रमुख से मिलने का प्रयास कर रही हैं।

पीड़ित बच्चे के पिता की आमद औसत से काफी काम है। वह बताते हैं कि बच्चे का इलाज कुछ बेच-बाच के सही इलाज तो करवाना ही है, पर मेरी सभी से हाथ जोड़कर यही अनुरोध है कि ऐसे स्कूलों द्वारा छोटे-छोटे बच्चों की पिटाई और प्रताड़ना पर लगाम लगाइये या बंद कर दीजिये।

(पीड़ित बच्चा, अभिभावक आदि के बयानों से भरी पूरी वीडियो रिपोर्ट देखने के लिए “चर्चित चिल्ड्रेन ” के वेबसाइट पर जाएँ)

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