सदरअस्पताल में महिला चिकित्सका संग दुर्व्यवहार से आक्रोशित चिकित्सकों ने किया OPD सेवा का बहिष्कार

बोकारो के सदर अस्पताल के स्कीन ओपीडी कक्ष में गत मंगलवार को सुबह 11 बजे मरीज को दिखाने आये अटेंडेंट स्कीन स्पेशलिस्ट डॉ रजनी के साथ उलझ गया. अटेंडेंट गाली-गलौज पर उतर आया था. इससे आहत महिला चिकित्सक रो पड़ी. हल्ला सुन कर ड्यूटी में तैनात होमगार्ड जवान ओपीडी कक्ष में पहुंचा. युवक को खींच कक्ष से बाहर निकाला. मामला बढ़ता देख युवक मरीज के साथ भाग निकला. वहीं, घटना से आक्रोशित अस्पताल के चिकित्सकों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया. डीएस डॉ अर्जुन प्रसाद के नेतृत्व में चिकित्सकों का प्रतिनिधि मंडल सीएस डॉ एस मुर्मू से कार्यालय कक्ष में मिला. घटना की विस्तृत जानकारी दी.

डीएस डॉ अर्जुन प्रसाद के नेतृत्व में चिकित्सकों का एक प्रतिनिधि मंडल सीएस से मिला. सीएस को दिये ज्ञापन में कहा गया है कि मंगलवार को ओपीडी के दौरान महिला चिकित्सक डॉ रजनी के साथ मरीज का अटेंडेंट उलझ गया. गाली गलौज करने लगा. अपशब्दों का उपयोग करते हुए मारपीट पर उतारू हो गया. अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की गयी.

वैसे इस सम्बन्ध में स्थानीय पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. रजनी ने बताया कि “मेरी माँ का फ़ोन आया था, कुछ इमरजेंसी बातें हो रही थी”. यहां डॉ. रजनी की बातें सही हो सकती हैं पर एक सत्य तो यह भी है कि अस्पताल में मरीज़ प्रतीक्षारत रहते हैं और डॉक्टर अक्सर अपने फ़ोन से देर तक चिपके रहते हैं; तो क्या सब के सब अपनी माँ से इमरजेंसी बातें करते होते हैं? किसी भी तथ्य को एकपक्षीय हो कर नहीं देखा जा सकता! (NO OFFENCE TO DR. RAJNI)

खैर, सीएस डॉ मुर्मू ने तत्काल सूचना डीसी मृत्युंजय कुमार बरनवाल को दी. डीसी ने सुरक्षा का आश्वासन दिया. देर शाम सुरक्षा को लेकर सीएस ने चिकित्सकों के साथ कार्यालय में बैठक की.

मौके पर डॉ अर्जुन प्रसाद, डॉ एचके मिश्र, डॉ निकेत चौधरी, डॉ अरूण कुमार, डॉ राज कुमार दास, डॉ शोभा सिन्हा, डॉ शोभा कुमारी, डॉ संजय कुमार, डॉ महेंद्र कुमार, डॉ शिखा, डॉ विभा आदि मौजूद थे.

 

संबंधित समाचार