उपेक्षा के शिकार चन्द्रपुरा ब्लॉक में कर्मचारी खरीद कर पीते हैं पानी, CDPO भी रहती नदारत

बोकारो जिला का चन्द्रपुरा प्रखंड कार्यालय सरकारी उपेक्षा का है शिकार, अनेक  समस्याओं से है ग्रसीत

कर्मचारी खरीद कर पीते हैं पानी, कार्यालय का पानी गन्दगी की वजह से जहरीला हो गया है

CDPO भी रहती है कार्यालय से नदारत, आज तक चंदनकियारी प्रमुख ने उनकी शक्ल तक नहीं देखी  

ललित मिश्रा/CHANDRAPURA ::  झारखंड के बोकारो जिला के 9 प्रखड़ो में एक चन्द्रपुरा प्रखंड का भी नाम आता है। यहाँ सरकारी सहयोग से करोड़ों रुपये की लागत से चन्द्रपुरा प्रखंड कार्यालय का निर्माण किया गया। लेकिन विडंबना यह है कि इस कार्यालय के कर्मचारी कार्यालय का पानी नहीं पी पाते।

उनका कहना है कि कार्यालय का पानी गन्दगी की वजह से जहरीला हो गया है। उन्हें पानी पीने के लिए बाहर से खरीद कर लाना पड़ता है।इतना ही नहीं है इस कार्यालय में जहां उप प्रखंड प्रमुख अनिल महतो बैठते हैं उस मे कचड़े का भंडार बना हुआ है। उनकी कुर्सी की जगह कचड़ा नजर आता है।

प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों में केंटीन बनने से आशा जगी कि हमारे दिन बदलेंगे। हमे नास्ते के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन दुर्भाग्य है केंटीन में ताला लटकता रहा। आज तक केंटीन नहीं खुला। कर्मचारियों की समस्या ज्यो की त्यों बनी रही।

संभवतः यही कारण है जो इस कार्यालय की पदाधिकारी सीडीपीओ रानी कुमारी अपने दफ्तर से अक्सर लापता रहती है।

वहीँ, चन्द्रपुरा प्रखंड प्रमुख अनिता गुप्ता ने यह माना है कि जब से सीडीपीओ हमारे यहाँ पदस्थापित है हम से एक बार भी नहीं मिली। हमारे चन्द्रपुरा प्रखंड में बाल विकास परियोजना के तहत157 केंद्र है जिनके कार्यो में दिक्कत हो रही है। इसका मुख्य कारण है सीडीपीओ का स्थाई तौर पर नहीं होना है। वर्तमान सीडीपीओ को दो जगह का पदभार मिला हुआ है। उन्हें चन्दकियारी और चन्द्रपुरा प्रखंड दोनों ही देखना है।

पानी की समस्या पर पूछे जाने पर उनका कहना था कि प्रखंड कार्यालय में दूर दराज ग्रामीण इलाकों से लम्बी दूरी तय कर अपने कामो के निष्पादन के लिए ग्रामीण आते हैं और हम उन्हें पानी पीने के नाम पर एक गिलास पानी का भी नहीं दे पा रहे हैं। इससे बडी और क्या समस्या हो सकती है। स्वच्छ पानी की किल्लत तो है ही। हम जल्द ही केंटीन खोलवाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारे प्रखंड कार्यालय में कर्मचारियों की भी कमी है जिससे काम करने में दिक्कतें हो रही है।

वही प्रखंड में कार्यरत स्वच्छ पेय जल अधिकारी भी मानते हैं कि पानी मे गन्दगी होने से इसका लाभ हमलोगों नहीं ले पाते। पानी बाहर से ही खरीद कर पीना पड़ता है।

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