डीपीएस बोकारो के तीन विद्यार्थी जर्मन इंटरनेशनल यूथ कैंप के लिए चयनित

बोकारो। दिल्ली पब्लिक स्कूल, बोकारो के नौवीं कक्षा के तीन विद्यार्थियों अनुष्का श्रीवास्तव, मिताली सिंह व गौरव कुमार सिंह ने 5 से 25 मई 2019 तक जर्मनी के संेट पीटर-आॅडिंग में आयोजित होनेवाले प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय युवा शिविर में भाग लेने के लिए कठिन चयन प्रक्रिया के पश्चात् चयनित होकर अपने विद्यालय व बोकारो ही नहीं अपितु राज्य को गौरवान्वित किया है। इस शिविर में भाग लेने के लिए झारखंड व बिहार राज्य से सिर्फ डीपीएस बोकारो के 3 विद्यार्थी चयनित हुए हैं।

यह शिविर उन छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति का हिस्सा है, जिन्होंने राज्य स्तर पर भाषा के अध्ययन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यात्रा से संबंधित सभी खर्च यानी फ्लाइट टिकट, भोजन और ठहरने, यात्रा बीमा आदि का वहन गोएथ-इंस्टीट्यूट द्वारा किया जायेगा। शिविर के लिए चयनित विद्यार्थियों ने एक चुनौतीपूर्ण चयन परीक्षा (आॅनलाइन) उत्तीर्ण की, जिसके बाद स्काइप पर साक्षात्कार किया गया।

यहां यह उल्लेखनीय है कि हर साल गोएथ-इंस्टीट्यूट जर्मनी में इन शिविरों का आयोजन उन सभी वैश्विक देशों के 1800 से अधिक स्कूलों के छात्रों के लिए करता है जो ‘पाश’ नेटवर्क का हिस्सा हैं।

डीपीएस बोकारो के जर्मन भाषा शिक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि 20 दिनों के इस शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं को न केवल अपने भाषा कौशल को मांजने का अवसर मिलेगा अपितु कई रोचक व मजेदार गतिविधियों जैसे कार्यशालाओं, क्विज, फिल्म शो, भ्रमण आदि में हिस्सा लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थियों को जर्मनी जाने व वहां की भाषा, संस्कृति से परिचित होने का अवसर भी मिलेगा।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम जारी है जिसमें जर्मन भाषा के अलावा शिक्षा में हो रहे निरंतर विकास हेतु 1800 स्कूलों का वैश्विक नेटवर्क जुड़ा हुआ है।

जर्मनी के विदेश मंत्रालय द्वारा भेजी गयी आधिकारिक जानकारी के अुनसार जर्मन भाषा को विदेशों में अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाने में सहयोग के लिए गोएथ-इंस्टीट्यूट के सहयोग से ‘पाश-कार्यक्रम’ के लिए डीपीएस बोकारो का चयन किया गया है।

इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय की निदेशक व प्राचार्या डाॅ हेमलता एस मोहन ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों के अथक प्रयासों व उनके शिक्षक की दृढ़ता का परिणाम है। पूरे डीपीएस बोकारो परिवार को इस सफलता पर गर्व है। डाॅ हेमलता ने कहा कि ‘पाश’ नेटवर्क का हिस्सा होने के नाते विद्यार्थियों के लिए इस तरह के अवसर आते हैं। जर्मनी में एक अंतर्राष्ट्रीय युवा शिविर में शामिल होने का यह अवसर उसी का एक हिस्सा है।

डाॅ हेमलता ने कहा कि हमारी कोशिश है कि बच्चों को इस तरह से ‘हाॅलिस्टिक शिक्षा’ दें जिससे वे भारत की संस्कृति, मूल्यों, परंपराओं से परिचित हों साथ ही वैश्विक स्तर पर हो रहे परिवर्तनों के लिए भी अपने आप को तैयार रखें। डाॅ हेमलता ने इस बात पर बल देते हुए कहा कि जो छात्र अपने देश की संस्कृति के अलावा दूसरे देशों की संस्कृति से भी अवगत होते हैं और उनकी अच्छाईयों को भी ग्रहण करते हैं, उनकी प्रतिभा वैश्विक स्तर पर सराही जाती है।

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