हर बच्चा प्रतिभावन, विद्यालय व शिक्षक बच्चों को तरास के बेहतर इंसान बना देते हैं -कार्तिक एस

कृष्णा/BOKARO :: ज्ञान-विज्ञान मेला अपने आप में प्रभावशाली शब्द है। शिक्षा के हर क्षेत्र में बोकारो बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। आज की तेज रफतार की जिंदगी में हम और हमारी दुनिया मोबाइल फोन एवं नेट में सिमट कर रह गई है। हमें जीवन में हर समय किसी भी परिस्थिती का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। हर बच्चा प्रतिभावन होता है, विद्यालय एवं शिक्षक बच्चों को तरासकर एक बेहतर इंसान बना देते हैं । इस तरह के ज्ञान-विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों के अंदर छुपी प्रतिभा और रचना को बढ़ावा देती है। जिससे की बच्चे भविष्य में एक कवि, गायक, लेखक, वैज्ञानिक, इंजीनियर, डाॅक्टर व खिलाड़ी बन कर समाज व देशों की सेवा में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले सके। हमारे जीवन में हमारे परिवार, माता-पिता, शिक्षक का विशेष महत्त्व होता है। उक्त बाते ज्ञान-विज्ञान मेला के मुख्यअतिथि पुलीस अधीक्षक कार्तिक एस ने कही। उन्होंने छोटे-छोटे बच्चों की काफी तारिफ की। बच्चे ने अपने शिक्षकों से प्राप्त वैज्ञानिक सुचनाओं व ज्ञानों को प्राजेक्ट के माध्यम से उत्कृष्ट बुद्धिमता का सफल प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के शुभारंभ मुख्यअतिथि कार्तिक एस, पुलीस अधिक्षक, बोकारो, सचिव महेश त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष आर एन मल्लिक, प्राचार्य डाॅ अशोक सिंह एवं उप-प्राचार्य अशोक कुमार झा ने विधिवत्त मंत्रोच्चारण के साथ दीप प्रज्जवलीत कर किया।

अपने स्वागत भाषाण में प्राचार्य डाॅ अशोक सिंह ने कहा कि 39 वाँ ज्ञान-विज्ञान मेला में मुख्यअतिथि कार्तिक एस, पुलीस अधिक्षक, बोकारो ने आकर मेला को विशेष उर्जावान बना दिया। उन्होंने कहा इस मेला के आयोजन में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रुप से विद्यालय के शिक्षकेतरगण व अभिभावगण ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। ज्ञान-विज्ञान मेला से बच्चों के अपने अंदर छुपी हुई प्रतिभा को निखारने का एक विशेष मौका मिलता है। बच्चे इसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लेते हैं, विद्यालय व्यवस्थापक भी अपने कर्तव्य निभाते हुए, बच्चों को हर एक कदम पर उत्साहित करती है।

मुख्य विषय ‘‘माई ग्रीन स्कूल’’ पर ज्ञान-विज्ञान मेला में कुल 19 स्टाॅलों में 275 प्राजेक्ट लगाये गये जिसमें 290 बच्चों ने हिस्सा लिया । स्टाॅलों के नाम इस प्रकार हैं – गो ग्रीन, यातायात, भारत के स्मारक, भारत के धरोहर, भूमी संरक्षण, परस्पर निर्भरता, स्वच्छ वायू, इतिहास से सीख, मैनेजमेंट, विज्ञान, अपशेष प्रबंधक मुद्रा, टेक्नाॅलाॅजी, युवा शक्ति, हिरो सेव लाइफ, चिन्मय मिशन की पुस्तकें, क्वचिदन्यतोऽपि (और भी बहुत कुछ) इत्यादि थी।

वरीय शिक्षक गोपाल चंद मुशी के मार्गदर्शन में ज्ञान-विज्ञान प्रदर्शनी का अयोजन किया गया। इन्होंने इसकी विस्तृत जानकारी सभी को दी। उनका भरपूर सहयोग विद्यालय के प्राइमरी इंचार्ज कविता सिन्हा, सेकन्डरी इंचार्ज बी. महाराज कुमारी, नरेमन्द्र कुमार, वृजमोहन लाल दास, कृष्णपद गोराई, केशव तिवारी, शैवाल गुप्ता, देव ज्योती बोराल, निरज चैबे व विद्यालय के सभी शिक्षक व शिक्षीकाओं ने दिया। कार्यक्रम का संचालन सुनील कुमार ने किया।

उप-प्राचार्य अशोक कुमार झा ने धन्यवाद देते हुए कहा की, ज्ञान-विज्ञान मेला में मुख्य अतिथी सहीत सभी अभिभावकगण, बच्चों एवं विद्यालय के शिक्षकेतरगण के सहयोग से मेला का सफलतापूर्वक आयोजन हो पाया।

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