जो नहीं बन सकीं ‘मिस त्रिसप्तिका’, बनेगीं ‘डांस क्वीन’ – अंकिता चक्रवर्ती

खिताब से चूकीं प्रतिभाओं का सम्मान समारोह 13 को

Mukhyadhara/Bokaro :: बोकारो में नृत्य, संगीत एवं कला के विकास को लेकर सतत प्रयासरत संस्था ‘त्रिसप्तिका’ की ओर से एक और अनूठी पहल की जा रही है। हाल ही में आयोजित ‘मिस त्रिसप्तिका 2018’ प्रतियोगिता के खिताब से जो प्रतिभागी कुछ अंकों के अंतर से चूक गयीं थीं, उन्हें सम्मानित कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने को लेकर कदम बढ़ाया जा रहा है।

इस आशय की जानकारी बुधवार को प्रेस को जारी अपने एक बयान में संस्था की निदेशक प्रख्यात नृत्य प्रशिक्षिका अंकिता चक्रवर्ती एवं संस्थापक धनंजय चक्रवर्ती ने संयुक्त रूप से दी।

उन्होंने बताया कि आगामी 13 जनवरी को संध्या छह बजे से सेक्टर- 5 स्थित आशालता केंद्र के हेलेन केलर सभागार में ‘त्रिसप्तिका डांस क्वीन 2018’ नामक विशेष स्पर्धा का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में त्रिसप्तिका से जुड़ीं नृत्य प्रशिक्षु बालिकाओं की माताओं को मंच प्रदान किया जाएगा। इस मंच के माध्यम से बच्चों के साथ-साथ उनकी माताओं की प्रतिभा को भी निखारने का पूरा अवसर प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘मिस त्रिसप्तिका 2018’ में प्रतिभागी रहीं बच्चियों के साथ-साथ साथ संस्था में डांस सीखने वाली कई बच्चियों की माताएं इस कार्यक्रम में अपनी नृत्य प्रस्तुतियां देंगी। इसी दरम्यान ‘मिस त्रिसप्तिका’ 2018 के खिताब से थोड़े से के लिए चूक गयीं प्रतिभाओं को नृत्य प्रस्तुति करने का अवसर तो प्रदान किया ही जाएगा साथ ही साथ उन्हें भी ‘त्रिसप्तिका डांस क्वीन 2018’ के खिताब से नवाजा भी जाएगा। इसके तहत उन्हें सैश, गुलदस्ता, प्रमाण पत्र, ट्रॉफी एवं क्राउन (मुकुट) भेंटकर सम्मानित किया जाएगा और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाएगा।

श्री चक्रवर्ती ने बताया कि यह अवसर अपने-आप में एक अनूठा कार्यक्रम होगा, जिसमें बच्चियों के साथ-साथ उनकी माताओं की प्रतिभा का भी प्रदर्शन होगा। उन्होंने बताया कि ‘मिस त्रिसप्तिका 2018’ के जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों में से चार-चार वैसी प्रतिभा को मंच प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा जो मात्र थोड़े से अंकों के लिए खिताब से चूक गए थे।

निदेशक अंकिता ने कहा कि हर बच्चे में विशेष प्रकार की अपनी प्रतिभा छिपी होती है। आवश्यकता इस बात की है कि उन प्रतिभाओं को तराशा जाए और निखरने का पूरा अवसर प्रदान किया जाए। इसी सोच के तहत ‘त्रिसप्तिका डांस क्वीन 2018’ का आयोजन किया जा रहा है। यानी जो बच्चियां ‘मिस त्रिसप्तिका’ नहीं बन पायीं, वे ‘त्रिसप्तिका ‘डांस क्वीन’  बनेगीं।

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