सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोकसभा में रेलगाड़ियों में अपराध पर उठाए प्रश्न

mukhyadhara desk/Bokaro ::

गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोकसभा में रेलगाड़ियों में अपराध, यात्रियों के साथ चोरी, लूट के मामले, सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों/यात्रियों को दी जाने वाली राहत से निजात पाने के उपायों के बारे में पूछे गये अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री राजेन गोहांई ने बताया कि गत तीन वर्षो के दौरान भारतीय रेल में लंबी दूरी की गाड़ियों में यात्रियों के सामान की चोरी के मामलों को छोड़कर डकैती, लूटपाट और जहरखुरानी के मामलों में कमी आयी है। उन्होंने बताया कि भारतीय रेल नें पीड़ितो को वर्ष  2015 में 1,40,500/- एवं 2016 में 2,23,550/- और 2017 में 48,222/- मुआवजे प्रदान किये गये है।

मंत्री श्री गोहांई ने जानकारी दिया कि रेलों पर पुलिस व्यवस्था राज्य सरकार का विषय होने के नाते रेल परिसरों और चलती गाड़ियों में अपराधों की रोकथाम करना, मामलों का पंजीकरण करना, उनकी जांच करना और कानून, व्यवस्था बनाए रखना, राज्य सरकारों का सांविधिक उत्तरदायित्व है, जिसका निर्वहन वे राज्यकीय रेल पुलिस (रारेपु)/जिला पुलिस के जरिए करते हैं।

उन्होंने बताया कि बहरहाल, रेल सुरक्षा बल यात्रियों और यात्री क्षेत्र की बेहतर रक्षा और सुरक्षा करने तथा उनसे जुड़े मुद्दों पर राजकीय रेल पुलिस के प्रयासों में सहायता करता है। विभिन्न राज्यों के राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा 2200 गाड़ियों के मार्गरक्षण के अलावा, रेल सुरक्षा बल द्वारा 2500 गाड़ियों के मार्गरक्षण किया जा रहा है। भारतीय रेल के लगभग 453 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों द्वारा निगरानी, यात्रियों के सुरक्षा हेतू हेल्पलाइन नंबर 182 कार्य, 202 से अधिक संवेदनशील और भेदय रेलवे स्टेशनों पर निगरानी तंत्र सुदृढ़ करने के लिए क्लोज सर्किट टेलीविजन कैमरा नेटवर्क, इलैक्ट्राॅनिक निगरानी वाली एकीकृत सुरक्षा प्रणाली, पहुंच नियंत्रण आदि की स्वीकृती प्रदान की गई है।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि रेलवे द्वारा सभी चलती पैसेन्जर गाड़ियो में सीसीटीवी प्रणाली की व्यवस्था करने की योजना, चोरी, झपटमारी, जहरखुरानी के विरूद्ध सावधनी बरतने के बारे में यात्रियों को शिक्षित करने के उदेश्य से जन उदघोषणा प्रणाली के माध्यम से बार-बार उद्घोषणाएं, रेल परिसरों और चलती गाड़ियों में अपराध की रोकथाम, मामलों के पंजीकरण, उनकी जांच एवं कानून-व्यवस्था बनाई गई है।

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