प्रेस-मीडिया और प्रशासन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं – DDC बोकरो

दीपांकर डे /BOKARO :: प्रेस-मीडिया और प्रशासन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। वास्तव में पत्रकारिता समाज का आईना है। इसे नकारना सही नहीं और अगर इसे नकारा गया तो समाज की दिशा बदल जाएगी। यह कहना है बोकारो के उपविकास आयुक्त (डीडीसी) रविरंजन मिश्र का।

शुक्रवार दोपहर बोकारो परिसदन में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित राष्ट्रीय प्रेस दिवस की संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि वह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जहां डिजिटल मीडिया की अपनी महत्ता है, वहीं प्रिंट मीडिया की अलग विश्वसनीयता है। दोनों की अपनी-अपनी भूमिका व अहमियत है, जिसमें चुनौतियां और कठिनाइयां निश्चित तौर पर है, लेकिन उनका सामना करने की जरूरत है। श्री मिश्र ने स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कलम की ताकत बहुत अधिक है, जिसने आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रशासन की ओर से पत्रकारों को हरसंभव सहयोग दिलाने का आश्वासन दिया।

वरिष्ठ पत्रकार विकास चंद्र महाराज ने उक्त आयोजन को लोकतंत्र की अहम कड़ी बताते हुए पत्रकार और प्रशासन का दिल से जुड़ाव आवश्यक बताया। कहा कि ऐसे आयोजन महज औपचारिकता भर सीमित ना रहे, बल्कि आपसी घनिष्ठता आवश्यक है। प्रशासन को आलोचना सहन करने की भी क्षमता रखनी चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार झा ने पत्रकारों के संरक्षण, उनके अधिकार की रक्षा तथा लघु समाचार पत्रों की उपेक्षा पर प्रकाश डालते हुए रांची में पत्रकारों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की।

डिजिटल मीडिया से संबंधित विषयवस्तु को लेकर हुई इस गोष्ठी में वरिष्ठ संवाददाता अजय अश्क ने डिजिटल दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर बल दिया। महावीर प्रसाद ने पत्रकारिता की चुनौतियाें पर चर्चा की। अलका मिश्रा ने प्रायोजित पत्रकारिता पर दुःख व्यक्त किया। जय सिन्हा ने डिजिटल दौर में सावधानीपूर्वक खबरों के प्रकाशन की अनिवार्यता बतायी।

इसी प्रकार पूर्णेन्दु पुष्पेश ने डिजिटल मीडिया को सरल एवं सुविधाजनक पत्रकारिता का माध्यम बताया। साथ ही सरकार से इस पर लगाम लगाने के लिए इसके निबंधन को आवश्यक बताया। धनंजय प्रताप ने भी डिजिटल मीडिया को सरकारी स्तर पर अधिकृत रूप से संचालित किए जाने की आवश्यकता बतायी। कौस्तुभ कुमार मलयज ने डिजिटल इंडिया में डिजिटल मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला। गिरधारी गोस्वामी ने जिम्मेदारीपूर्वक पत्रकारिता के दायित्व-निर्वहन को जरूरी बताया। रामप्रवेश सिंह ने पत्रकारों की सुरक्षा तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया।

इसके पूर्व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विकास कुमार हेंब्रम ने सभी अभ्यागतों का स्वागत किया। डीडीसी के अलावा उपस्थित पत्रकारों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन रुपेश तिवारी ने किया।

इस अवसर पर मनरेगा के नोडल पदाधिकारी पंकज कुमार दुबे, जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव राकेश कुमार सिन्हा, कार्यालय सहयोगी सह कंप्यूटर संचालक संतोष कुमार चौरसिया, सहयोगी कामता प्रसाद, दीपक सिंह आदि उपस्थित थे।

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