‘‘सहयोग एवं संपर्क‘‘ कार्यक्रम की शुरूआत

‘‘सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इन्ट्रप्राईजेज (एमएसएमई) देश की अर्थव्यवस्था के मजबूत कंधे रहे है तथा उद्योगों के बढावा हेतु हमेशा मददगार रहे है ‘‘ ‘‘एमएसएमई उद्योगों के 05-20 लाख तक सलाना टर्नओवर वाली कंपनियों को 59 मिनट में लोन स्वीकृत किया जायेगा‘‘– सुदर्शन भगत, राज्यमंत्री, भारत सरकार।

डेस्क/BOKARO :: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली से एमएसएमई ‘‘सहयोग एवं संपर्क‘‘ कार्यक्रम की शुरूआत की, जिसका सीधा प्रसारण वेबकास्ट के माध्यम से बोकारो में सेक्टर-5 स्थित बोकारो क्लब में एमएसएमई के उद्यमियांे एवं आमजनों के बीच दिखाया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशभर के लघु उद्यमियांे पर चर्चा करते हुए कहा कि हमारे देश के लोगों में वो ताकत है कि वो थोड़ी सी पूंजी में बडे से बडा व्यापार तैयार कर सकते हैं। यही सोच के साथ सरकार ने एमएसएमई उद्यमियों को इसके तहत् योजना दीपावली के उपहार के रूप में दे रही है। प्रधानमंत्री के द्वारा एमएसएमई के विकास हेतु सरकार के 12 फैसलों की घोषणा क्रमशः की गई।

सीधा प्रसारण से पूर्व भारत सरकार के राज्यमंत्री सुदर्शन भगत ने उपस्थित एमएसएमई व्यवसायियों को संबोधित करते हुए कहा कि एमएसएमई व्यवसायियों के सुविधा हेतु भारत सरकार के द्वारा जो 12 फैसले लिए गए है वो एमएसएमई व्यवसायियों को आगे बढाने में मील का पत्थर साबित होगा। उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने आज देश के 100 जिलों में 100 दिनों तक एमएसएमई व्यवसायियों के विकास हेतु कार्य योजना चलाने की बात कही। उनके अनुसार सलाना 05 लाख से 20 लाख तक टर्नओवर वाले व्यवसायियों को 59 मिनट में बैंको द्वारा लोन स्वीकृत किया जायेगा। विशेषकर पीएमईजीपी के मामले में उन्होंने बैंको द्वारा शीघ्रतापूर्वक लोन स्वीकृत करने को कहा।

मंत्री सुदर्शन भगत ने जानकारी दी कि बोकारो में लगभग 8000 एमएसएमई व्यवसायी निबंधित है। इन्हें क्रियाशील किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बोकारो जिला में बोकारो स्टील प्लांट के कारण छोटे व्यवसायियों की संख्या अधिक है। इन व्यवसायियों को सरकार के द्वारा दिये गए नये प्रावधान के तहत् अच्छा लाभ मिल सकेगा तथा बोकारो जिला विकास के मार्ग में अग्रसर होगा। उनके अनुसार जिले में सीसीएल, आईईएल, टीटीपीएस, इलेक्ट्रोस्टील एवं ओएनजीसी जैसी बड़ी कम्पनियों के कारण छोटे एमएसएमई व्यवसायियों को अपने उत्पाद को विक्रय हेतु बाजार मिल सकेगा।

कार्यक्रम में उपस्थित मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर जाकर, नियमों में सुधार कर एमएसएमई व्यापार को बढावा देना चाहती है। उन्होंने इस हेतु सरकार के द्वारा लिये गए निर्णय की सराहना की तथा कहा कि बोकारो के एमएसएमई व्यवसायी सीधे तौर पर माननीय प्रधानमंत्री के निगरानी में तरक्की के मार्ग पर आगे बढेंगे।

इस प्रकार कार्यक्रम में उपस्थित सांसद धनबाद पशुपतिनाथ सिंह, विधायक बेरमो योगेश्वर महतो उर्फ बाटुल, विधायक बोकारो, संयुक्त सचिव संजय प्रसाद, उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने भी एमएसएमई उद्यमियांे के बीच अपना संबोधन प्रकट किया एवं प्रधानमंत्री द्वारा किये गए 12 घोषणाओं को वेबकास्ट के माध्यम से देखा। मंच का संचालन अंचल अधिकारी चास वंदना शेजवलकर के द्वारा किया गया।

प्रधानमंत्री द्वारा घोषणा कि गई जिसमें 59 मिनट में एमएसएमई उद्यमियों को लोन मिल सकेगा, जिसका एक पोर्टल लांच किया गया, जिससे आॅनलाइन माध्यम से एमएसएमई व्यवसायियों के खाते में राशि हस्तांतरित किये जायेंगे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने घोषणा की कि जीएसटी पंजीकृत एमएसएमई को ब्याज में दो प्रतिशत की छूट दी जाएगी। साथ ही उनके द्वारा घोषणा की गई कि वो कंपनियाँ जिनका टर्नओवर 500 करोड से ज्यादा है उन्हें टीआरडीएस प्लेटफार्म पर लाना जरूरी कर दिया गया है, सरकार ने पीएसयू को निर्देश दिए हैं कि वे अपने से संबंधित उद्योगों को भी टीआरडीएस प्लेटफार्म मंे लायें। इसका फायदा यह है कि बिजनेस के लिए पैसे की कमी नहीं होगी, कैश साइकल टूटेगी नहीं और पैसा फंसेगा नहीं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के द्वारा घोषणा की गई कि कुल खरीद का तीन प्रतिशत महिला उद्यमियों के लिए आरक्षित हो। जैम के माध्यम कोे विकसित किया जा रहा है, दो साल पहले इसे शुरू किया था ताकि खरीदारी में पारदर्शिता आ सके। बिना किसी को कमीशन दिए कितने उद्यमियों को इस व्यवस्था से लाभ मिलने वाला है। जैम की इस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आज ही यह फैसला लिया गया है। केन्द्र सरकार की सभी कंपनियों के लिए जैम की सदस्यता अनिवार्य कर दी गई है।

इसी प्रकार प्रधानमंत्री के द्वारा अन्य घोषणा करते हुए आखिरी घोषणा की गई कि पिछले साल लगभग 1 लाख 14 हजार करोड रूपए का सामान अलग स्त्रोतों से खरीदा है, सरकारी कंपनियों को 20 प्रतिशत खरीददारी सूक्ष्म उद्योगों से लेना था। अब इसे बढाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार ने तय किया है कि कारीगरों को सरकार की सोशल सिक्योरिटी व्यवस्था से जोडा जाए। उन्हें सरकारी बीमा योजना और जनधन खाते आदि का लाभ मिलेगा। ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में यह 12 फैसले एमएसएमई के क्षेत्र में नया अध्याय लिखेंगे।

कार्यक्रम के दौरान उपरोक्त के अलावे जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष लक्ष्मण नायक, जिला परिषद उपाध्यक्ष हिरालाल मांझी, संयुक्त निदेशक उद्योग निदेशक झारखण्ड आलोक कुमार, महाप्रबंधक बैंक आॅफ इण्डिया सी.एस सहाय, उप विकास आयुक्त रवि रंजन मिश्रा, निदेशक डीपीएलआर एस.एन.उपाध्याय, निदेशक डीआरडीए, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक दिलीप कुमार मजुमदार सहित जिले के तमाम पदाधिकारी, छोटे-बड़े उद्यमी सहित अन्य उपस्थित थे।

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